सांकेतिक भाषा - अंकों के लिए अंकों का उपयोग
परिचय
नंबर कोडिंग के इस प्रकार में एक संख्या के स्थान पर दूसरी संख्या का उपयोग किया जाता है। इसमें अंकों को आपस में बदला जाता है या उनमें कुछ जोड़ा/घटाया जाता है।
संकल्पना समझ
दिए गए नंबर और उसके कोड की तुलना करें। देखें कि क्या अंकों का क्रम बदला गया है या किसी निश्चित संख्या को जोड़कर नया कोड बनाया गया है।
उप-विषय
नंबर के लिए नंबर का उपयोग
यह विधि अंकों के बीच तार्किक संबंध (Logical Relationship) पर आधारित है।
उदाहरण
उदाहरण 1
यदि 23 = 45 और 24 = 46 है, तो 2 का कोड क्या है?
दोनों संख्याओं में 2 समान है और कोड में 4 समान है।
उत्तर: 2 = 4
ट्रिक्स और शॉर्टकट
* अंकों के बीच के अंतर को देखें।
* अंकों के योग (Sum) या उनके स्थान (Position) के बदलाव को पहचानें।
सामान्य गलतियाँ
कभी-कभी संख्या पूरी तरह बदल दी जाती है (जैसे वर्ग या घन), इसे पहचानने में गलती न करें।
अभ्यास प्रश्न
आसान प्रश्न (Easy)
- यदि 1 = 2, 2 = 3, 3 = 4 है, तो 5 का कोड क्या होगा?
- यदि 10 = 100 और 20 = 200 है, तो 30 का कोड क्या होगा?
- यदि 11 = 22 और 33 = 66 है, तो 44 का कोड क्या होगा?
मध्यम प्रश्न (Medium)
- यदि 123 = 321 है, तो 456 के लिए कोड क्या होगा?
- यदि 12 = 3 (1+2) और 45 = 9 है, तो 78 का कोड क्या होगा?
- यदि 2 = 4, 4 = 8, 6 = 12 है, तो 10 के लिए क्या कोड आएगा?
कठिन प्रश्न (Hard)
- यदि 123 = 6 और 456 = 15 है, तो 999 का कोड क्या होगा?
- यदि 101 = 202 और 303 = 606 है, तो 505 का कोड क्या होगा?
- यदि 9 = 81 और 8 = 64 है, तो 7 का कोड क्या होगा?
सारांश
संख्याओं के खेल में पैटर्न और गणितीय नियमों को पहचानना ही डिकोडिंग का मुख्य आधार है।