वर्गीकरण - संख्या
परिचय
वर्गीकरण का अर्थ है दी गई वस्तुओं या संख्याओं में से समान गुणों वाले समूह को पहचानना और उस समूह से अलग घटक को चुनना। इसे अक्सर 'विषम पद पहचानना' भी कहा जाता है।
संकल्पना समझ
गणितीय वर्गीकरण में संख्याओं के बीच संबंध जैसे कि विभाज्यता, वर्ग, घन और अंकों की व्यवस्था का विश्लेषण किया जाता है।
उप-विषय
संख्या (Numbers)
इसमें सम, विषम, अभाज्य संख्याएँ और विशिष्ट संख्याओं से विभाजित होने वाली संख्याओं का अध्ययन शामिल है।
उदाहरण
उदाहरण 1
विकल्प: 1) 85 2) 68 3) 119 4) 95. यहाँ 85, 68 और 119 संख्या 17 से विभाजित हैं।
उत्तर: विकल्प 4 (95 संख्या 17 से विभाजित नहीं है)
उदाहरण 2
विकल्प: 1) 5423 2) 6252 3) 8531 4) 5812. पहले तीन विकल्पों में अंकों का गुणनफल 120 है।
उत्तर: विकल्प 4 (अंकों का गुणनफल 80 है)
ट्रिक्स और शॉर्टकट
बड़ी संख्याओं के लिए अंकों का योग या गुणनफल नियम बहुत उपयोगी होता है। विभाज्यता की जाँच के लिए 2, 3, 5, 7 और 11 की कसौटियाँ याद रखें।
सामान्य गलतियाँ
अक्सर छात्र केवल पहली दो संख्याओं को देखकर नियम बना लेते हैं। हमेशा सुनिश्चित करें कि नियम कम से कम तीन विकल्पों पर लागू हो।
अभ्यास प्रश्न
आसान प्रश्न (Easy)
- 1) 12 2) 24 3) 36 4) 45
- 1) 100 2) 200 3) 300 4) 350
- 1) 2 2) 4 3) 6 4) 9
मध्यम प्रश्न (Medium)
- 1) 133 2) 152 3) 171 4) 180
- 1) 24 2) 48 3) 80 4) 72
- 1) 123 2) 321 3) 231 4) 431
कठिन प्रश्न (Hard)
- 1) 5437 2) 7354 3) 3745 4) 3725
- 1) 4321 2) 5432 3) 6543 4) 7655
- 1) 2481 2) 3261 3) 1221 4) 4291
सारांश
वर्गीकरण का अभ्यास करने से तार्किक क्षमता बढ़ती है। मुख्य रूप से पहाड़े और अभाज्य संख्याओं पर ध्यान दें।
निम्नलिखित में से कौन सी संख्या अन्य से भिन्न है? (20, 25, 30, 35, 37)
A
20
B
25
C
30
D
37